B.Ed 1 Year Course : शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बार फिर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 10 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत में 1 वर्षीय B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कोर्स को दोबारा शुरू किया जा रहा है। यह फैसला खासतौर पर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो कम समय और कम खर्च में शिक्षक बनना चाहते हैं। अब जहां पहले B.Ed करने में 2 साल का समय और भारी भरकम फीस लगती थी, वहीं अब सिर्फ ₹20,000–₹30,000 की किफायती फीस में 1 साल में B.Ed पूरा कर शिक्षक बनने का रास्ता खुल गया है।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स क्या है और क्यों है खास
1 वर्षीय B.Ed कोर्स एक प्रोफेशनल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है। इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को शिक्षण की आधुनिक तकनीक, बाल मनोविज्ञान, पाठ्यक्रम योजना और कक्षा प्रबंधन जैसे जरूरी कौशल सिखाना है। पहले यह कोर्स भारत में काफी लोकप्रिय था, लेकिन 2014–15 के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अब नई शिक्षा नीति और स्कूलों में शिक्षकों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे फिर से लागू किया जा रहा है।
क्यों दोबारा शुरू किया गया 1 Year B.Ed Course
पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया कि 2 वर्षीय B.Ed कोर्स कई छात्रों के लिए समय और पैसे दोनों के लिहाज से बोझ बन गया था। ग्रामीण और मध्यम वर्ग के छात्र अक्सर सिर्फ फीस और समय की वजह से शिक्षक बनने का सपना छोड़ देते थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार और शिक्षा नियामक संस्थाओं ने 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया, ताकि योग्य युवा कम समय में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ सकें और देश में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके।
1 Year B.Ed Course की फीस, अवधि और मुख्य जानकारी
नीचे दी गई तालिका से 1 वर्षीय B.Ed कोर्स की पूरी जानकारी एक नजर में समझी जा सकती है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कोर्स का नाम | B.Ed (1 Year) |
| कोर्स अवधि | 1 वर्ष |
| अनुमानित फीस | ₹20,000 – ₹30,000 |
| योग्यता | ग्रेजुएशन / पोस्ट-ग्रेजुएशन |
| मान्यता | NCTE से मान्य |
| करियर अवसर | सरकारी व प्राइवेट शिक्षक |
1 Year B.Ed Course के लिए योग्यता और प्रवेश प्रक्रिया
1 वर्षीय B.Ed कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन होना जरूरी है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक मांगे जा सकते हैं, जबकि आरक्षित वर्ग को नियमों के अनुसार छूट मिल सकती है। कुछ कॉलेजों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा, जबकि कुछ संस्थान एंट्रेंस एग्जाम के जरिए एडमिशन दे सकते हैं।
1 Year B.Ed Course के फायदे और करियर अवसर
इस कोर्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र कम समय में योग्य शिक्षक बन सकते हैं। 1 साल में B.Ed पूरा करने के बाद अभ्यर्थी सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल, कोचिंग संस्थान और ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म पर शिक्षक के रूप में काम कर सकते हैं। इसके अलावा यह डिग्री CTET, STET और अन्य TET परीक्षाओं के लिए भी पात्र बनाती है, जिससे सरकारी शिक्षक बनने का रास्ता खुलता है।
Q1. क्या 1 वर्षीय B.Ed कोर्स पूरे भारत में मान्य होगा?
हाँ, यदि यह कोर्स NCTE से मान्यता प्राप्त है, तो यह पूरे देश में मान्य होगा और सरकारी नौकरी में स्वीकार किया जाएगा।
Q2. 1 Year B.Ed करने के बाद CTET या TET दे सकते हैं?
जी हाँ, 1 वर्षीय B.Ed पूरा करने के बाद आप CTET, STET और राज्य स्तरीय TET परीक्षाओं के लिए पूरी तरह पात्र होंगे।
Q3. क्या 1 Year B.Ed और 2 Year B.Ed में सैलरी या नौकरी में फर्क होगा?
नहीं, दोनों डिग्री मान्य होने पर नौकरी और सैलरी में कोई अंतर नहीं किया जाएगा, बशर्ते कोर्स मान्यता प्राप्त हो।
Q4. क्या कम फीस होने से पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा?
नहीं, फीस कम होने का मतलब गुणवत्ता से समझौता नहीं है। कोर्स का सिलेबस और ट्रेनिंग NCTE के नियमों के अनुसार ही होगी।
निष्कर्ष
10 साल बाद 1 वर्षीय B.Ed कोर्स की वापसी शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। कम फीस, कम समय और बेहतर करियर अवसर इसे छात्रों के लिए बेहद आकर्षक बनाते हैं। यदि आप भी शिक्षक बनना चाहते हैं और जल्दी अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं, तो B.Ed 1 Year Course आपके लिए एक सुनहरा मौका साबित हो सकता है।
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