Union Budget 2026 में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, लेकिन आम जनता के लिए सबसे ज्यादा असर उन उत्पादों पर पड़ा है जो रोजमर्रा में उपयोग किए जाते हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं सिगरेट और तंबाकू उत्पाद। बजट के बाद इनकी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और टैक्स बढ़ने से इन उत्पादों की जेब पर भारी बोझ पड़ने वाला है। यह कदम सरकार की सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति और अतिरिक्त राजस्व जुटाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सिगरेट और तंबाकू उत्पादों में हुई बढ़ोतरी
Budget 2026 के अनुसार, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी और GST दोनों बढ़ाए गए हैं। इसके कारण इन उत्पादों की कीमतें औसतन 5% से 10% तक बढ़ सकती हैं।
विशेष रूप से:
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छोटी सिगरेट (10–20 स्टिक) की कीमत में ₹5–₹10 तक की वृद्धि।
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तंबाकू उत्पाद जैसे हुक्का, बीड़ी और पाउच पर भी अतिरिक्त टैक्स लागू।
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आयातित तंबाकू उत्पादों की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगने वाले ड्यूटी के कारण और बढ़ोतरी संभव।
क्यों बढ़ा टैक्स?
सरकार ने सिगरेट और तंबाकू पर टैक्स बढ़ाने के पीछे दो मुख्य उद्देश्य बताए हैं:
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जन स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना – तंबाकू और सिगरेट के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। टैक्स बढ़ाने से लोग इसे कम करेंगे।
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अतिरिक्त राजस्व जुटाना – यह बढ़ोतरी सरकार को आय बढ़ाने में मदद करेगी, जिसे शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सुधार और आम जनता में जागरूकता बढ़ाने का भी संकेत है।
Union Budget 2026 के बाद अनुमानित कीमतें
| उत्पाद | पहले का मूल्य | नया मूल्य (अनुमानित) | बढ़ोतरी का प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| सिगरेट (20 स्टिक) | ₹150–₹180 | ₹160–₹200 | 5–10% |
| बीड़ी (10 पैक) | ₹50–₹60 | ₹55–₹65 | 5–8% |
| तंबाकू पाउच (50 ग्राम) | ₹90–₹110 | ₹100–₹120 | 10% |
| हुक्का शिशा/फली | ₹250–₹350 | ₹275–₹385 | 8–10% |
ध्यान दें: कीमतें राज्य और ब्रांड के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
उपभोक्ताओं पर असर
सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के बढ़े टैक्स का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। नियमित उपयोग करने वाले व्यक्तियों को अब ज्यादा खर्च करना होगा। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं, क्योंकि इससे तंबाकू की खपत कम हो सकती है।
सरकर का संदेश
Budget 2026 में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर बढ़े टैक्स से सरकार का संदेश साफ है:
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तंबाकू और सिगरेट का सेवन घटाएं।
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स्वास्थ्य पर निवेश करें।
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अतिरिक्त राजस्व से सामाजिक कल्याण और स्वास्थ्य योजनाओं में सुधार होगा।
भविष्य का रुख
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में धीरे-धीरे और वृद्धि हो सकती है। इसका उद्देश्य लोगों को इन उत्पादों से दूर करना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।
निष्कर्ष
Union Budget 2026 में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर बढ़े टैक्स ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ डाला है, लेकिन यह कदम स्वास्थ्य सुधार और सामाजिक कल्याण के लिए जरूरी भी माना जा रहा है। अब यह समय है कि लोग स्वास्थ्य और बजट दोनों की दृष्टि से सोच-समझकर निर्णय लें।
Q1. सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतें अब कितनी बढ़ी हैं?
औसतन 5–10% तक की बढ़ोतरी हुई है, ब्रांड और उत्पाद के हिसाब से भिन्न हो सकती है।
Q2. क्या बढ़ा टैक्स सिर्फ सिगरेट पर ही लागू है?
नहीं, बीड़ी, हुक्का, तंबाकू पाउच और आयातित तंबाकू उत्पादों पर भी टैक्स बढ़ा है।
Q3. क्या इस बढ़ोतरी से तंबाकू की खपत कम होगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी कीमतें खपत को कम करने में मदद कर सकती हैं।
Q4. क्या यह कदम सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए है?
नहीं, इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सुधार और सामाजिक कल्याण के साथ-साथ राजस्व जुटाना भी है।
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